Posts tagged ‘Ummeed’

सितम्बर 15, 2016

सबसे दिली दोस्त … (कमलेश)

सबसे भले दोस्त

गायब हो जायेंगें भीड़ में |

सबसे दुखी दोस्त

झूठे पड़ जायेंगें उम्मीद में|

सबसे बड़े दोस्त

छूट जायेंगें मंजिल के पहले|

सबसे दिली दोस्त

गरीब हो जायेंगें विपत्ति में|

(कमलेश)

(साभार – समास – १४)

 

सितम्बर 4, 2016

किताब का चर्चा … (रमेश गोस्वामी)

मेरी किताब का चरचा
कहीं कहीं पे हुआ
जहाँ उम्मीद थी मुझ को
वहीं वहीं पे हुआ
मेरी उडान भी मंसूब
ना थी चाँद तारों से
तभी तो एहतिराम
सोच की जमी पे हुआ

ना था अलफाज मे
तारीफ का उलझा हुआ चेहरा
मेरे सुखन का अक्स
डूबती नमी पे हुआ
अगर पलट दिया पन्ना
किन्हीं हाथों ने बिन बाँचे
मुझे तो रंज उस पे
तैरती कमी पे हुआ

उदास शाम थी
और जिक्र था उदासी का
मसि का रंग उजागर
मेरी जबीं पे हुआ
मेरी किताब के किरदार
सब मेरे गम हैं
उन से मिलना हुआ जब भी
किसी गमी पे हुआ
(रमेश गोस्वामी)

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