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सितम्बर 16, 2016

अकड़ और अश्लीलता से मुठभेड़… रघुवीर सहाय

Raghuvir Sahayकितने अकेले तुम रह सकते हो?
अपने जैसे कितनों को खोज सकते हो तुम?
अपने जैसे कितनों को बना सकते हो?


हम एक गरीब देश के रहने वाले हैं

इसलिए
हमारी मुठभेड़ हर वक्त रहती है ताकत से
देश के गरीब होने का मतलब है
अकड़ और अश्लीलता का

                                               हम पर हर वक्त हमला
(रघुवीर सहाय)

मार्च 22, 2014

खुदा तो बनना नहीं है…

सब्र और ताक़त dev-001

अगर खर्चने हो

सुबूत देने में

हर बार खुद की बेगुनाही के लिए,

अच्छा है

एक संगीन गुनाह का दाग

फिर तो

अपनी सलीब खुद से ढोना

मामूली इंसान को

बना सकता है… खुदा

पर मेरी तो ये तमन्ना है नहीं!

Rajnish sign

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