Posts tagged ‘Saathi’

नवम्बर 28, 2013

तुमने मुझे पुकारा जब था…

आँचल दांतों में दबाकर suhasini-002

पलकें थोड़ी सी झुकाकर

तुमने मुझे निहारा जब था,

धरती सारी घूम गई थी

आखें, आँखें चूम गई थीं…

कंघी बालों में चलाकर

साँसें कंधे पर टिकाकर

तुमने दिया सहारा जब था,

किस्मत मेरी झूम गई थी

आखें, आँखें चूम गई थीं…

खुद को दुल्हन सा सजा कर

साथी मन ही मन लजाकर

तुमने मुझे पुकारा जब था,

आखें, आँखें चूम गई थीं

आखें, आँखें चूम गई थीं…

(कृष्ण बिहारी)

 

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मार्च 14, 2013

यदि तुम मुझसे दूर न जाते …

मुझे, अकेलेपन में साथी

याद तुम्हारी कैसे आती

आंसू रहकर इन आँखों में अपना नीड़ कैसे बनाते?

यदि तुम मुझसे दूर न जाते|

तुम हो सूरज-चाँद जमीन पर

किसका क्या अधिकार किसी पर

मेरा मन रखने की खातिर

तुम जग को कैसे ठुकराते?

यदि तुम मुझसे दूर न जाते|

आँख आज भी इतनी नम है

जैसे अभी अभी का गम है

ताजा सा यह घाव न होता,

मित्र तुम्हे हम गीत सुनाते

यदि तुम मुझसे दूर न जाते|

पल भर तुमने प्यार किया है

यही बहुत उपकार किया है

इस दौलत के आगे साथी किस दौलत को गले लगाते?

तू आये तो सेज सजाऊं

तेरे संग भैरवी गाऊँ

यह मिलने की चाह न होती तो मरघट का साथ निभाते!

यदि तुम मुझसे दूर न जाते|

{कृष्ण बिहारी}

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