Posts tagged ‘Paanch’

जनवरी 25, 2015

पूत भारत माता के… बाबा नागार्जुन

”पांच पूत भारत माता के, दुश्मन था खूंख्वार,

गोली खाकर एक मर गया, बाकी रह गये चार।

चार पूत भारतमाता के, चारो कुशल प्रवीन,

देश-निकाला मिला एक को, बाकी रह गये तीन ।

तीन पूत भारत माता के, लड़ने लग गये वो,

अलग हो गया उधर एक, अब बाकी बच गये दो ।

दो पूत भारत माता के, छोड़ पुरानी टेक,

चिपक गया है एक गद्दी से, बाकी रह गया एक ।

एक पूत भारत माता का, कंधे पर है झंडा,

पुलिस पकड़ कर जेल ले गयी, बाकी बच गया अंडा ।”

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नवम्बर 16, 2013

हर प्रीत नूतन है!

पांच बरस लंबी सड़क पर AB-001

पता नहीं सोता सा चला था शायद !

कि,

हर नया दिन,

पुराने का हिस्सा नहीं लगता|

लगता है, सड़क भी बनी है,

टुकड़ों-टुकड़ों में!

कल की याद ही नहीं कुछ-

बस अहसास भर होता है कि

कुछ गुजरा भर था|

मुझे कुछ याद नहीं है-

न परिणय

न चुम्बन

न कलह

जब तुमसे मिलता हूँ,

लगता है फिर कोंपलें फूट आई हैं

फिर नया सवेरा है

और हर बात,

हर प्रीत नूतन है|

Yugalsign1

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