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फ़रवरी 22, 2014

कर नहीं पाया पैदा, उसकी आँखों में प्यार

womanleavingman-001छला गया हर बार मैं ही क्यूँ?

हम दोनों के बीच  झिझक की है

जो नाज़ुक दीवार

उस के, रह जाता हूँ इस पार मैं ही क्यूँ?

क्यूँ कभी नहीं देखती वो मेरी जानिब?

क्यूँ रहती है बे-आशना मुझसे

और रह जाता हूँ हर बार

बोलने से लाचार  मैं ही क्यूँ?

कभी रोका उसकी तीखी नज़रों ने

कभी रुक गया मैं खुद ही

कर नहीं पाया पैदा,

उसकी आँखों में प्यार

मैं ही क्यूँ?

Rajnish sign

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