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मई 3, 2011

गया वक्त्त

वह मुझको
कभी याद नही आता
यानी
मैं उसको
कभी भूलता ही नहीं।
…..

फूल और खुशबू का साथ
धूप की नज़र लगने तक है
कोमल अहसास की आयु
होती है बहुत छोटी।
…..

धूप में
सायों का पीछा करते
गुजर जाता है जीवन
सांझ होने से पूर्व
अन्धकार का
आभास किसे होता है?
…..

नयनों ने
जिसे खो दिया
अर्थहीन है बाट उसकी
टपक गया अश्रु
वापस कब लौटा है?

(रफत आलम)

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