Posts tagged ‘Janta’

जुलाई 24, 2017

बौनों की दुनिया …

 

हम सब बौने हैं,

मन से, मस्तिष्क से भी,

बुद्धि से, विवेक से भी,

क्योंकि हम जन हैं

साधारण हैं

नहीं हैं विशिष्ट

— क्योंकि हर ज़माना ही

चाहता है बौने रहें

वरना मिलेंगें कहाँ

वक्ता को श्रोता

नेता को पिछलगुए

बुद्धिजनों को पाठक

आंदोलनों को भीड़

धर्मों को भक्त

संप्रदायों को अतिमन्द

राज्यों को क्लर्क

कारखानों को मजदूर

तोपों को भोजन

पार्टी-बॉसों को यसमैन

राजाओं को गुलाम

डिक्टेटरों को अंधे

डिमोक्रेसी को मीडियोकर

मतवादों को बुद्धू

यूथ-वादों को सांचे ढले आदमी

हम सब उन्ही के लिए

युग-युग से जीते हैं

क्रीतदास हैं हम

इतिहास-वसन सीते हैं

इतिहास उनका है

हम सब तो स्याही हैं

विजय सभी उनकी

हम घायल सिपाही हैं

हमको हमेशा ही

घायल भी रहना

सिपाही भी रहना है

दैत्यों के काम निभा

बौने ही रहना है|

 

(गिरिजाकुमार माथुर)

 

जून 3, 2010

खबरदार श्रीमान नेता जी

सुनो नेता जी
तुम क्यों
एक नंगे बच्चे जैसा व्यवहार करते हो
जो अपनी आँखें बंद कर लेता है
और सोचता
है कि अब उसे कोई नहीं देख रहा।

तुमने कछुआ तो देखा ही होगा
जो अपने खोल के अंदर घुस कर
छिप जाता है और
सोचता है कि खतरे से बच गया है।

तुम से किसी की सही तुलना हो सकती है तो
गिरगिट की,
जो तुम्हारी ही तरह
अपनी जरुरत के अनुसार
पल पल रंग बदलता है
पर याद रखना
एक घड़ी ऐसी भी आती है
जब उसके रंग बदलने की प्रवृति और प्रकृति भी
उसे नहीं बचा पाती।
तुम भी कितनी देर
अपने को छुपा सकते हो लोगों से?
क्या तुम समझते हो कि
इन रहस्यमयी मुखौटों के पीछे
छिपकर तुम दूर चले गये हो
लोगों की पहुँच से?
ना।
किसी समय,
एक दिन,
तुम्हारे सब मुखौटे
उतर जायेंगे
या उतार दिये जायेंगे
तुम्हारी
सारी रहस्यमयी ऐयारियाँ
दुनिया के सामने खुल जायेंगी।

तब तुम खड़े होगे नंगे
दुनिया के सामने
अपने अपराधों के
बोझ से दबे हुये।

कुछ कारीगरी काम न आयेगी तब,
भ्रष्टाचारी तो जगह जगह चौराहों पर
दौड़ते नजर आयेंगे।

खुदा न खास्ता वहाँ से भी किसी
तरह तुम बच कर निकल लिये
तो तब क्या करोगे
जब चार कँधों पर जाने की
तैयारियाँ चल रही होंगी।

तुम्हारे किये का फल
तुम्हारी पुश्तें भोगेंगी।

बाकी तुम्हारी मर्जी।
तुम्हारा जीवन है
तुम्हारा सिर
जूते तो चलने ही हैं
बच सको तो बच लो।

समय तो है अभी भी संभलने का
समझ लो इस बात को कि
जमाना बड़ा अच्छा हो चला है
अच्छा करके ही
अच्छे जीवन का बीमा करा सकते हो अपनी
अगली पीढ़ी के लिये !

…[राकेश]

%d bloggers like this: