Posts tagged ‘Jail’

जनवरी 25, 2015

पूत भारत माता के… बाबा नागार्जुन

”पांच पूत भारत माता के, दुश्मन था खूंख्वार,

गोली खाकर एक मर गया, बाकी रह गये चार।

चार पूत भारतमाता के, चारो कुशल प्रवीन,

देश-निकाला मिला एक को, बाकी रह गये तीन ।

तीन पूत भारत माता के, लड़ने लग गये वो,

अलग हो गया उधर एक, अब बाकी बच गये दो ।

दो पूत भारत माता के, छोड़ पुरानी टेक,

चिपक गया है एक गद्दी से, बाकी रह गया एक ।

एक पूत भारत माता का, कंधे पर है झंडा,

पुलिस पकड़ कर जेल ले गयी, बाकी बच गया अंडा ।”

मई 26, 2014

अरविंद केजरीवाल Vs नितिन गडकरी : भ्रष्टाचार एवं मान हानि केस

AK court case
अरविन्द और उन की पार्टी का यह मानना है कि उन्होंने नितिन गडकरी पर भ्रष्टाचार का जो आरोप लगाया था वह सही था और ऐसा करना जनहित में था। ऐसा करना वे लोग अपने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का अभिन्न हिस्सा मानते हैं। वे यह भी मानते हैं कि कोई इस कारण से उन पर किसी अदालत में मुकदमा करता है तो वे प्रतिभूति-बंधपत्र नहीं देंगे। उन का कहना यह भी है कि उन्हें कई बार बिना प्रतिभूति-बंधपत्र के केवल निजी मुचलके पर छोड़ा जा चुका है। अदालत के आदेश के अनुसार प्रतिभूति-बंधपत्र प्रस्तुत करना या न करना उस व्यक्ति के चुनाव पर निर्भर है जिसे ऐसा आदेश दिया गया है। अरविंद एक राजनैतिक व्यक्ति हैं और भ्रष्टाचार के विरुद्ध आंदोलनरत हैं। उन्होंने प्रतिभूति-बंधपत्र प्रस्तुत कर रिहा होने के स्थान पर उसे प्रस्तुत न कर जेल में रहना पसंद किया। यह उनका निजी मामला है। प्रेस को इसे हौवा बनाने से बचना चाहिए।
AK Jail

अरविंद की पार्टी ने बेईमान लोगों की एक सूची जारी की थी, जिसमें देश के अनेक राजनेताओं के नाम थे। स्पष्ट था कि अरविन्द की पार्टी खुद तो सब के विरुद्ध मुकदमा चलाने से रही। उनका मानना है कि यह राज्य का दायित्व है कि वह भ्रष्ट लोगों के विरुद्ध मुकदमा चलाए। सूचीबद्ध नेताओं में एक नितिन गडकरी ने अरविन्द के विरुद्ध माँ हानि किए जाने के अपराध का परिवाद अदालत में प्रस्तुत किया। यदि अरविन्द खुद गडकरी के विरुद्ध मुकदमा पेश करते तो उन्हें खुद ही साक्ष्य से साबित करना होता कि गड़करी ने भ्रष्टाचार किया है या फिर बेईमानी की है।

Kaushik
लेकिन अब गडकरी को अपने मुकदमे में साबित करना पड़ेगा कि अरविन्द ने जो किया उस से उन का अपमान हुआ है। इस के लिए गडकरी को खुद गवाही देनी होगी और गवाही के दौरान अरविन्द और उस के वकीलों को उन से सवाल करने का अवसर मिलेगा। उनके सामने प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों और खुद के बयानों का स्पष्टीकरण देना पड़ेगा। जो निश्चित ही गडकरी को कठगरे में खड़ा करने वाला और मजेदार होने वाला है। यह सब आगे आने वाली राजनीति पर भी अपना असर छोड़े बिना नहीं रहेगा। (नौशाद)

MKSINGHAL
बेल के खेल की एक कथा विस्तार से पढ़ें

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