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जून 7, 2010

शिशु जन्म : ममता नहीं सुरक्षित केवल स्त्री के लिये

शिशु को जन्म देने का विशेष अहसास ही ऐसा प्रतीत होता है जो मानव और पशु दोनों वर्गों की स्त्री प्रजाति में एक जैसा है। एकदम शांत किस्म के जानवरों की मादाओं को भी अपने नवजात शिशु की रक्षा के लिये आक्रामक रुख अपनाते हुये देखा गया है।

नीचे दिये गये वीडियो में देखा जा सकता है कि धरती की सतह पर चलने वाले सबसे बड़े चौपाये जीव समूह की मादा हाथी कैसे अपने अभी अभी जन्मे शिशु हाथी के निश्चल पड़े शिशु की काया को देख वह बैचेन हो उठी है और अपने शिशु को साँस लेने के लिये प्ररित करने के लिये किये प्रयासरत हो जाती है। बिना देखे हुये भी अपने विशाल शरीर को मादा हाथी इस तरह से हिला डुला रही है जिससे शिशु के ऊपर उसका पैर न पड़ जाये। उसकी सहायता के लिये कोई डाक्टर या नर्स या दाई नहीं है। सब कुछ उसे अपने आप ही करना है। उसे जीवन की पहली साँस लिवाने के बाद वह इस बात के लिये प्रयासरत है कि अब उसका शिशु अपने मुँह से कुछ आवाज निकाले और सब कुछ सामान्य करने के बाद वह शिशु को अपने पैरों पर खड़ा होने के लिये प्रेरित करने में लग जाती है और तभी चैन की साँस लेती है जब शिशु के साथ सब कुछ सामान्य हो जाता है। उसके प्रयास संवेदनशील ह्र्दय वाले व्यक्तियों की आँखों में आँसू ला सकते हैं।

वाह! प्रकृति कितनी खूबी और खूबसूरती से सब जीवों को संभालती है।

सावधानी की नैतिक सलाह : अगर किसी को शिशु के जन्म लेने की प्रक्रिया देखने में अजीब महसूस होता है तो वे कृपया इस वीडियो को न देखें हाँलाकि यह भी सच है कि न देखने वाले एक विलक्षण दृष्य को देखने से वंचित रह सकते हैं।

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