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जनवरी 7, 2014

पंडित और डम्बलडोर

अवगाह लिए सब ग्रंथbeautifulmind-001

कंठस्थ हो गईं ऋचाएं

भौतिकी से आध्यात्म तक

ज्यामिती से इतिहास तक

अब तक मानव ने पाया था जो ज्ञान!

मस्तिष्क के तंतुओं का जाल

शरीर के ऊतकों का स्थान

पाकर यह सब ज्ञान

दिख पड़ता है कान्तिमान

गर्व से दपदपाता, जब-तब होता इस पर मान!

पर छटपटाया कई बरस

ज्ञान की पोथियों से शिथिल मन

न मिली कोई राह

ना बन सका कोई प्रवाह

तब एक दिन सहसा भरभरा कर गिरा वितान!

बात बस इतनी सी थी

फंतासी में सपने सी थी,

जब डम्बलडोर ने कहा भर

कहीं से सपने में आकर

सिर्फ फैसले हमारे, कराते हमारी पहचान!

Yugalsign1

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मार्च 9, 2013

अद्भुत औरत

Maya Angelou की प्रसिद्द कविता Phenomenal Woman का हिन्दी अनुवाद

औरतें उत्सुक रहती हैं  

जानने को कि कहाँ छिपे हैं

मेरे चुम्बकीय व्यक्तित्व के रहस्य?

 

खूबसूरती की उनकी परिभाषा की समझ से

मैं किसी भी हिसाब से खूबसूरत नहीं हूँ

न ही मैं फैशन माडल्स जैसे आकार प्रकार वाली हूँ

लेकिन जब में उन्हें अपनी गोपनीयता बताना शुरू करती हूँ

तो वे सोचती हैं

मैं झूठ बोल रही हूँ |

 

मैं कहती हूँ

रहस्य मेरी बाहों के घेरे में है

मेरे नितंबों के फैलाव में है

लंबे-लंबे डग भरती मेरी चाल में है

मेरे होठों के घुमावों और कटावों में है|

  

मैं एक औरत हूँ

असाधारण रूप से

अद्भुत औरत

हाँ वह हूँ मैं |

 

मैं प्रवेश करती हूँ किसी कक्ष में

जैसी मैं हूँ

अपने सारे वजूद को साथ लिए

और पुरुष,

वे सब खड़े हो जाते हैं

या अपने घुटनों के बल बैठ जाते हैं

वे मेरे इर्द गिर्द

ऐसे एकत्रित हो जाते हैं

जैसे छत्ते के करीब मधुमक्खियाँ

मैं कहती हूँ

रहस्य छिपा है

मेरी आँखों में बसी आग में

मेरे दांतों की चमक में

मेरी कमर की लचक में

मेरे पैरों के जोश में|

 

मैं एक औरत हूँ

असाधारण रूप से

अद्भुत औरत

हाँ वह हूँ मैं |

 

पुरुष खुद अचरज करते हैं

कि वे क्या देखते हैं मुझमे

वे कोशिश तो बहुत करते हैं

पर कभी छू नहीं पाते

मेरे अंदुरनी रहस्य को

जब मैं उन्हें दिखाने की कोशिश करती हूँ

वे कहते हैं –

वे देख नहीं पा रहे अभी भी|

मैं कहती हूँ,

रहस्य तो छिपा है

मेरी रीढ़ की चाप में

मेरी मुस्कान के सूरज में

मेरे वक्षों के उठान में

मेरे मनोहरी सलीके में|

 

मैं एक औरत हूँ

असाधारण रूप से

अद्भुत औरत

हाँ वह हूँ मैं |

 

अब तुम्हे समझ में आ गया होगा

क्यों मेरा सिर झुका हुआ नहीं रहता है

मैं शोर नहीं मचाती,

कूद-फांद नहीं मचाती

अपने को जाहिर करने के लिए

मुझे प्रयास नहीं करने पड़ते

पर जब तुम मुझे देखो

पास से जाते हुए

तुम्हारे अंदर मुझे लेकर गर्व का भाव जगना चाहिए|

 

मैं कहती हूँ,

मेरे चुम्बक का रहस्य  

छिपा है –

मेरे जूते की हील की खट-खट में

मेरे बालों की घुंघराली लटों में

मेरे हाथों की हथेलियों में

मेरी देखरेख की जरुरत में,

‘क्योंकि’ मैं एक औरत हूँ

असाधारण रूप से

अद्भुत औरत,

हाँ वह हूँ मैं |

[Maya Angelou]

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