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जनवरी 11, 2014

तुम हो…तुम रहोगी..

सारी हसरतें सब तमन्नाएँ love story-001

रंगीन उमंगें खो गयीं थी कहीं

तुम नहीं थीं

जब नहीं थी तुम…

तब

कवितायें सो गयीं थी कहीं

दब कुचल कर उदासी के बोझ तले

पलकों पे रखा प्रेम का मोती

पिघल जाता था आंसुओं में…

तुम नहीं थी जब…

बहुत ज़मानों के बाद फिर…

कल याद दिला दिया आकर…

तुमने कि…

है मुझमे कहीं बाकी कुछ

वज़ह मुस्कुराने की मरी नहीं अभी…

सपने फिर जिए जा सकते हैं

तुम थीं नहीं!

तुम हो…

तुम हो

और

तुम रहोगी…

Rajnish sign

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