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जनवरी 19, 2014

घर उससे है…

suhasini-001ढूँढती रहती है आँखे सिर्फ उसको …

मेरे  मकान में घर उससे है

चार दीवारों में वक़्त की  कैद का,

मैं मुन्तजिर नहीं रहता

चार गिर्द चेहरे अजनबी सी भीड़ के

उस एक के न होने का अहसास हैं

वो है पास तो

फिर भीड़ की ज़रुरत क्या है

जो  उतर गया हो दिल में,

फिर कैसे दिल से उतर जाए

Rajnish sign

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