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नवम्बर 27, 2013

सपनों को न बांधों

सपनो पे पहरे मत बांधोtitan-001

कम से कम वहाँ ना खींचो

लक्ष्मण रेखा|

हमने अपने सपनो में अक्सर

देखा है तुमको भी

बन्धनो और सीमाओं से बाहर निकलते

सपनो में कोई शिकवा नहीं होता

हर बात तुम मेरी मान, जान ही जाती हो

थोड़े मनुहार के बाद ही सही

बाहु-पाश में आ जाती हो

Rajnish sign

अप्रैल 19, 2013

पकड़ो मत! जकड़ो मत!

या तो पकडे बैठे रहो,
जकड़े बैठे रहो,
पर तब
हर पल का,
हर कदम का,
हर गति का,
हर इशारे का,
हिसाब लगाते रहना होगा|

और तय है यह भी कि
इस पकडन में,
इस जकडन में,
ऐठन भी होगी,
तनाव भी होगा,
तंगी का अहसास भी होगा|

समय लाएगा ही लाएगा
घुटन भी,
विचलन भी,
विवशता भी,
और असली अलगाव भी|

असली मुक्ति,
पकड़ने से मुक्त रहने में है,
स्वतंत्रता,
जकड़ने से दूर रहने में है,
स्वायत्ता,
अपने साथ बंधी
पकडन,
और जकडन से
भी परहेज करने में है|

विकल्प हमेशा है-
या तो जकडन और पकडन
के रास्ते हैं –
जहां भीड़ है,
सबके साथ खड़े होने,
सबके साथ होने
के अहसास हैं,
पर समय ही
यह अहसास भी कराता है
कि ये साथ झूठे हैं,
नकली हैं,
तनाव और दुख के जन्मदाता हैं,
या फिर रास्ते हैं
आनंद के,
पर इन पर चलने की शर्त वही –
पकड़ो मत!
जकड़ो मत!

[राकेश]…

मार्च 12, 2013

गीत गुनगुनाने दो

 

सपने हैं शीशे से साफ़ करो इनको

सपनों की गलती क्या माफ करो इनको |

मन में कुछ आने दो कुछ मन से आने दो

गीत गुनगुनाने दो …|

मोहक हर दर्पण था मोह गया मन को

आकर्षण बंधन का तोड़ गया तन को |

सुख को तुम माने दो दुख में कुछ गाने दो

गीत गुनगुनादे दो…|

मन को तो रोक लिया मिलने से उनको

भीतर के जग में अब रोकोगे किनको |

सृष्टि है लुभाने दो दो दृश्य हैं रमाने दो

गीत गुनगुनाने दो…|

दूर जा चुके हैं सब जाना था जिनको

अब किसे पुकारें हम आना है किनको |

अब दिया बुझाने दो दर्द को सुलाने दो

गीत गुनगुनाने दो…|

{कृष्ण बिहारी}

फ़रवरी 20, 2013

इतने मुझको प्यारे हो तुम

जितना चिंतन कोई कुंआरा

जितना भोला कोई इशारा

जितना बंधन कोई दुलारा

उससे अधिक कुआँरे हो तुम

इतने मुझको प्यारे हो तुम |

जितनी बारिश कोई सुहानी

जितनी प्यारी कोई कहानी

जितनी डगर कोई अनजानी

उससे अधिक कुआँरे हो तुम

इतने मुझको प्यारे हो तुम |

जितना सपन कोई सीने में

जितना नशा है गम पीने में

जितना दर्द है चुप जीने में

उससे अधिक कुआँरे हो तुम

इतने मुझको प्यारे हो तुम |

{कृष्ण बिहारी}

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