Posts tagged ‘Babool’

जून 4, 2014

अलगाव : सब जान लें इसके बारे में

बजरिये  इश्तेहार womanleavingman-001
ये एलान किया जाता है
अब “हम”,
“मैं” और “वो” हो गए हैं
मेरे और उन के
अलहदा अलहदा
आधे आधे वज़ूद
आवारा फिर रहे हैं
खासो आम को हिदायत है
हमारे बाकी आधे तलाश न करे
जुदाई के तिराहे पे
नये बाज़ार खड़े हो गए हैं
पीछे के रास्ते में बबूल के जंगल उग आये  हैं
Rajnish sign
जून 14, 2013

तन्हाई में रो दोगे तुम

बेमौसम जब फूल खिले थे

इन्द्रधनुष के रंग मिले थे

तभी लगा था बहुत जल्द ही

इक दिन मुझको खो दोगे तुम

तन्हाई में रो दोगे तुम…

सुनो अकेले मत होना तुम

बोझ अकेले मत ढोना तुम

मित्र! न ऐसा कर पाए तो

बाग बबूल का बो दोगे तुम

तन्हाई में रो दोगे तुम…

तुमने जो उपहार दे दिया

लेने से इनकार कब किया

मैं सब कुछ स्वीकार करूँगा

मुझे खुशी से जो दोगे तुम

तन्हाई में रो दोगे तुम…

सूख नदी का जल जाएगा

औ’ सागर भी घट जाएगा

खुशबू से जो नाम लिख दिया

उसको कैसे धो दोगे तुम

तन्हाई में रो दोगे तुम…

{कृष्ण बिहारी}

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