Archive for जनवरी 19th, 2014

जनवरी 19, 2014

धुंध में…

जब धुंध में fog-001

हाथ को हाथ नहीं

सूझता था

मैं चला उसके साथ

सीमेंट की

पुरानी रोड पर !

एक दूसरे को

तलाशते, पहचानते और जानते

हम चले गये दूर तक

और तब मैंने पाया

कि हम तो एक से हैं

अलग अलग खोलों के अंदर

मुझे बेहतर महसूस हुआ

ज्यादा शान्ति और संतुष्टि

ने मुझे घेर लिया

और मैं पहले से ज्यादा इंसान बना!

Yugalsign1

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जनवरी 19, 2014

घर उससे है…

suhasini-001ढूँढती रहती है आँखे सिर्फ उसको …

मेरे  मकान में घर उससे है

चार दीवारों में वक़्त की  कैद का,

मैं मुन्तजिर नहीं रहता

चार गिर्द चेहरे अजनबी सी भीड़ के

उस एक के न होने का अहसास हैं

वो है पास तो

फिर भीड़ की ज़रुरत क्या है

जो  उतर गया हो दिल में,

फिर कैसे दिल से उतर जाए

Rajnish sign

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