Archive for नवम्बर 30th, 2013

नवम्बर 30, 2013

चैरेवेती

सच, footprints-001

और कुछ नहीं है,

दो चरणों का

निरंतर चलते जाना है

बेशक,

वह स्मृति चिह्न छोड़े

या कि नहीं

पदचाप भारी हो

या कि ध्वनिहीन

क्रमगति अबाध हो

या कि नियंत्रित

यह सब बेमतलब है

सच,

सिर्फ चलना है

चलना भर!

Yugalsign1

नवम्बर 30, 2013

जलना कब तक…बता दो

हर रात dreamwo-001

जलता हूँ

गलता हूँ

ढलता हूँ

जिस भी रूप में

तेरी नीली लौ जलाती है

जिस भी रंग में तू मुझे ढालती है

हर रोज़…

हर रात…

हर बार तू मुझे एक नया रंग देती है

कितनी और रात

बता

कितनी और रात जलना है

कितनी और रात जलना है मुझे

गलना और

ढलना है मुझे

कितने और रंग बदलना है मुझे

बता कितनी और बार पिघलना है मुझे

एक आखिरी बार तुझमे पिघलने से पहले

बस हरदम  के लिए तेरे रंग में ढलने से पहले

कितनी और बार?

Rajnish sign

नवम्बर 30, 2013

बुद्ध या शैतान…उसकी मर्जी

कठपुतली वाले नेbuddha-001

गले से बांधकर

लटकाई हैं कठपुतलियां

ह्रदय से नहीं ;

वह शैतान भी निकाल सकता है,

वह बुद्ध भी निकाल सकता है!

Yugalsign1

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