Archive for अगस्त 1st, 2011

अगस्त 1, 2011

‘गंगा’ से घृणा करते दूधनाथ सिंह

मैं गंगा से घृणा करता हूँ
वहाँ मैंने अपनी पत्नी को अग्नि में समर्पित किया
वहाँ हमने अपने नवजात बच्चे को
जल समाधि में अर्पित किया
वहाँ मैंने दोस्तों-दुश्मनों का दाह किया
मैं गंगा में स्नान नहीं करता
मैं गंगा से घृणा करता हूँ
गंगा में मौत की थपक है
मैं गंगातट नहीं जाता
मैं छिप-छिप कर रोता हूँ
आधी रात…
गंगा किनारे…

(दूधनाथ सिंह)

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