Archive for फ़रवरी 20th, 2011

फ़रवरी 20, 2011

मुझे आदमी मिला नहीं

आज अरसे बाद
पूछा है तुमने
कैसा हूँ मैं?

आखिर क्या हुआ है जो
देखता भी नहीं अब
मैं तुम्हारी ओर।

क्या करोगे जानकर
मेरी बात मानकर
कि आदमी होकर आदमी के भीतर मुझे
आदमी मिला नहीं।

आज भी जारी है
मेरी तलाश…
मगर तुममें नहीं
भावनाविहीन निर्विकार
चेहरे को देख
क्या पा सकूँगा मैं?
क्या दे सकोगे तुम?

{कृष्ण बिहारी}

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