Archive for जून 23rd, 2010

जून 23, 2010

सीटी बुला रही है

भारत जैसे देश में इतनी सारी भाषायें और बोलियाँ बोली जाती हैं और किसी भी भारतवासी को देश में सदियों से चली आ रही इन विभिन्नताओं पर गर्व होना चाहिये और बहुत सारे भारतीयों को गर्व होता भी होगा और है भी परन्तु यह भी देखा गया है कि कई मर्तबा बड़े बड़े झगड़े भाषा और बोलियों की भिन्नता के कारण भी जन्माये गये हैं। जन्माये गये कहना ही उचित है क्योंकि ऐसा लगता नहीं कि भाषा, जो कि एक मनुष्य के दूसरे मनुष्य तक अपनी संवेदनायें और भावनाओं आदि को पँहुचाने का माध्यम है, दो व्यक्तियों को आपस में लड़वा सकती है जब तक की एक दूसरे के ऊपर वर्चस्व स्थापित करने की राजनीतिक भावना का प्रदुषण उनके दिमाग में घर न कर ले।

भाषायें शब्दों पर निर्भर हैं और समय के साथ बोलने और लिखने वाली भाषाऐं खो सकती हैं। आज पाली और प्राकृत, जो कि कभी भारत में बहुत बड़े पैमाने पर प्रचलन में थीं, आदि को तो छोड़ ही दीजिये संस्कृत तक भी ऐसी भाषा बन गयी है जिसे जानने और समझने वाले लोग संख्या में बहुत कम हैं।

मनुष्य पर कैसा भी शब्दाभाव का संकट आ जाये पर इशारों की भाषा कभी लुप्त नहीं होगी और ऐसा ही अभिव्यक्ति के उन माध्यमों के बारे में कहा जा सकता है जो शब्दों पर निर्भर नहीं हैं। आवाज के द्वारा भावों का संप्रेषण किन्ही भी परिस्थितियों में किया जा सकता है और जरुरी नहीं कि किसी भाषा के शब्द बोलकर ही ऐसा किया जाये। वाद्य यंत्रों द्वारा बजाया संगीत भाषा पर निर्भर नहीं है और वह अपने विशुद्ध रुप में भी सुनने वाले को प्रभावित कर सकता है।

सीटी भी एक ऐसा ही वाद्य यंत्र है जो हरेक मनुष्य के पास प्राकृतिक रुप से होता है और वह इसे विकसित कर सकता है। अकेला आदमी अपनी ही धुन में चलते हुये कब सीटी बजाने लगता है उसे पता भी नहीं चलता। सीटी बजाने के दुरुपयोग भी होते हैं पर मनुष्य तो पारंगत है हरेक सुविधा का दुरुपयोग करने में। चाकू से लोग मारे भी जाते हैं पर दुनिया में चाकू बनाये जाने तो बंद नहीं किये जाते और न ही उनका उपयोग करना बंद किया जाता है।

नीचे दिये वीडियो में देखिये कैसे लोग सीटी बजाने को भाषा के विकल्प के रुप में उपयोग में ला रहे हैं।


मनमोहन देसाई की देशप्रेमी में भाषा के सवाल पर एक दूसरे का सिर फोड़ने को तैयार क्रोध में अंधे लोगों को रोकने के लिये अमिताभ यह भी गा सकते थे,

नफरत की लाठी फेंको, सीटी बजाओ मेरे देश प्रेमियो

%d bloggers like this: