भारतीय राजनीति : एक क्विज

क्या आप पहचान सकते हैं कि प्रत्येक प्रश्न के पीछे कौन सा नाम/व्यक्ति छुपा है?

(1) बी एच यू में पढ़ने के दौरान फीस बढ़ने के विरुद्ध इन्होने छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया और बाद में बरसों राष्ट्रीय राजनीति में शिखर पर रहे।

भारत  सरकार की दमनकारी नीतियों का विरोध किया और कुछ माह जेल में रहे और वहाँ डायरी लिखी जो बाद में प्रकाशित हुयी और इस पुस्तक को

काफी प्रसिद्धि मिली।

(2) देश के प्रधानमंत्री द्वारा संसद में किसी खास परिस्थिति पर बयान देने पर इन्होने अपने गंजे सिर की और इशारा करते हुये कहा कि यहाँ भी कुछ नहीं उगता तो क्या इसका कोई महत्व नहीं है?

(3) देश के प्रधानमंत्री से मतभेद होने पर क्षुब्ध होकर उनके खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ते हुये इन्होने निम्नलिखित कविता लिखी।

तुम मुझे क्या खरीदोगे, मै बिल्कुल मुफ्त हूँ

(4)मैं जब उनसे मिलने प्रधानमंत्री निवास गया तो वे फर्श पर बैठे अपना काम करने में तल्लीन थे और मुझे ऐसा लगा  जैसे देश का कोई किसान बैठा

कुछ कर रहा है ” किसने ये किसके बारे में कहा था।

(5) किस भारतीय प्रधानमंत्री ने एक अंतर्राष्ट्रीय टीवी पर साक्षात्कार देते समय कहा, “क्या हम जनसंहार होने दें, उन्हे महिलाओं को उनके घर वालों के

सामने बलात्कार करते रहने दें। आप मुझे एक बात बताऎं जब हिटलर जर्मनी में यहूदियों के सफाये में लगा हुआ था तो क्या यूरोप और अमेरिका

आदि हाथ पर हाथ रखॆ बैठे रहे कि उसे कुछ भी करने दो“?

(6) किस मानव संसाधन मंत्री ने आई आई टी शिक्षण संस्थानों की आलोचना की और खास तौर पर देश में काम न आने वाले शोध कार्य को लेकर?

(7) किस भारतीय नेता को उनकी युवावस्था (तब वे राजनीति में नहीं थे) में फिल्म अभिनेता महमूद ने एक एयरपोर्ट पर अपनी अगामी फिल्म में काम

करने का प्रस्ताव दिया था|  वे उनकी असली पहचान नहीं जानते थे?

(8) कौन से स्वास्थ्य मंत्री थे जो संसद साइकिल पर सवार होकर जाते थे?

(9) ये लगभग सबसे बड़ी उम्र में केन्द्र में मंत्री रहे और उम्र का प्रश्न उठने पर इन्होने समुद्र में नौसेना के दो जहाजों के बीच का रास्ता रस्से पर लटक कर तय किया।

(10)वतन को माँ को प्यार करने वाले जज्बे से ज्यादा लैला को

दीवानगी  की हद तक मोहब्बत करने वाले जज्बे की जरुरत है

किस नेता ने ये बयान दिया था जिस पर बहुत शोर मचा था?

(11)आइ हैव रिगेन्ड माय फ्रीडमकिस राष्ट्रीय राजनेता ने अपनी सरकार गिरने के बाद इस्तीफा देने के बाद कहा?

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17 टिप्पणियाँ to “भारतीय राजनीति : एक क्विज”

  1. भाई मेरे इनमे से बहुतों के जबाब जानता हूँ ,क्योंकि सब करीब मेरे जीवन काल के ही वाकये हैं .पर जबाब नहीं दे इंतज़ार करूंगा की आज के युवा भी जबाब जानते हैं ? ये जानने के लिए फिर आऊँगा की ‘ प्रशासनिक सेवा ‘ में लगे या लगने की तैय्यारी करने वाले बताएं तो पहले .
    आपका स्वागत है !

  2. राज जी,

    धन्यवाद,

    मंतव्य तो यही है इस क्विज के पीछे कि कुछ लोग पुराना समय याद कर लें जब करेंट अफेयर्स की जानकारी के लिये लोग इंटरनेट पर स्थित विकीपीडिया आदि से ज्यादा अखबार, रेडियो, टीवी और पत्रिकाओं पर निर्भर रहा करते थे और बिल्कुल नयी पीढ़ी चाहे तो इंटरनेट की सहायता से इन पहेलियों के उत्तर खोज ले ताकि कुछेक साल पहले के राजनेताओं के बारे में भी उन्हे जानकारी हो जाये।

  3. हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

    मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

    यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

    शुभकामनाएं !

    “टेक टब” – ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

  4. राजीव जी बहुत बहुत धन्यवाद।
    स्नेह बनाये रखें।

  5. ” बाज़ार के बिस्तर पर स्खलित ज्ञान कभी क्रांति का जनक नहीं हो सकता ”

    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज “जनोक्ति.कॉम “आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . अपने राजनैतिक , सामाजिक , आर्थिक , सांस्कृतिक और मीडिया से जुडे आलेख , कविता , कहानियां , व्यंग आदि जनोक्ति पर पोस्ट करने के लिए नीचे दिए गये लिंक पर जाकर रजिस्टर करें . http://www.janokti.com/wp-login.php?action=register,
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  6. धन्यवाद जयराम जी

  7. Kindly try to provide us the answers for these questions.

  8. Aditya Ji,
    Will send answers at your email in a day or two.

  9. जो जानते हैं वे तो जानते ही हैं सब प्रश्नों के उत्तर परन्तु जो नहीं जानते है| परन्तु प्रयास कर रहे हैं उनके लिये कुछ संकेत नीचे दिये गये हैं। बहुत सारे प्रश्नों के उत्तर तक रास्ता इन संकेतों से मिल जायेगा।

    (1) इन्होने कन्याकुमारी से काश्मीर तक पैदल जनयात्रा का नेतृत्व भी किया और अस्सी के दशक से लेकर जब तक ये जीवित रहे हमेशा अपने राजनीतिक दल के अध्यक्ष रहे।
    (2) इन्होने देहरादून में ओ एन जी सी जैसे केन्द्रीय संस्थान खुलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनका नाम जैन तीर्थंकरों में से एक से मिलता है।
    (3) भारत की राजनीति में इन्हे सोशल इंजीनियरिंग को सबसे प्रभावी ढ़ंग से लागू करने वाले नेता का दर्जा दिया जा सकता है।
    (4) जिन्होने कहा वे भारत के एक प्रसिद्ध अभिनेता हैं और वे प्रधानमंत्री को अपनी एक फिल्म के प्रीमियर के लिये आमंत्रित करने गये थे। इन प्रधानमंत्री का देहांत कैंसर से पीड़ित होने के कारण हुआ।
    (5) इनके प्रधानमंत्रित्वकाल में भारतीय सेना ने आज तक की सबसे बड़ी विजय प्राप्त की और आक्रमणकारी दुश्मन सेना को घुटने टेकने पर मजबूर किया।
    (6) ये अपने राजनीतिक दल के अध्यक्ष भी रहे।
    (7) ये राजनेता बाद में देश के प्रधानमंत्री भी रहे।
    (8) इन्होने देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ अदालत में मुकदमा लड़ा और जीते भी और इनके इस कारनामे ने भारत की राजनीति में उथल पुथल मचा दी।
    (9) ये भारत के प्रधानमंत्री भी बने।
    (10) इनका सम्बंध फिल्म संसार से भी था और इनकी पत्नी ने एक फिल्म में इनकी माँ की भूमिका भी निभाई।
    (11) ये भी देश के प्रधानमंत्री के पद पर सुशोभित हुये। और इन्होने तीन बार इस पद की शपथ ली।

  10. वाकई जबरदस्त है.. ईमानदारी से कहूँ, उत्तर तक नहीं पहुंच पाया हूँ.. प्रतीक्षा रहेगी.

  11. विवेक जी
    धन्यवाद।
    कुछ लोगों ने व्यक्तिगत रुप से मेल करके पूछा था उन्हे उत्तर भेज दिये थे। कल यहीं सारे उत्तर आपको मिल जायेंगे।

  12. उत्तर नीचे दिये गये हैं।
    (1) चन्द्रशेखर
    (2) महावीर त्यागी (चीन के आक्रमण के बाद, दुखी नेहरु जी ने संसद में कहा था कि चीन ने नो मैन्स लैंड पर कब्जा किया है जिसका ज्यादा महत्व नहीं है, तब महावीर जी ने वह सब कहा था)
    (3) स्व. वी पी सिंह ने वह कविता हरिद्वार में लिखी थी जहाँ से उन्होने कांग्रेस से इस्तीफा देने का पत्र भी दिल्ली भेजा था, यह और बात है कि उससे कुछ समय पहले ही उन्हे निष्काषित कर दिया गया था
    (4) अमिताभ बच्चन ने उस समय के भारतीय प्रधानमंत्री श्री चन्द्रशेखर के बारे में वह कहा था जब वे उन्हे अपनी फिल्म हम के प्रीमियर के लिये निमंत्रण देने गये थे।
    (5) श्रीमति इन्दिरा गाँधी ने बांग्लादेश युद्ध के समय वह कहा था

  13. (6) श्री मुरली मनोहर जोशी ने ऐसा कहा था
    (7) महमूद ने राजीव गाँधी को देख कर वैसा प्रस्ताव दे दिया था
    (8) श्री राज नारायण साइकिल पर संसद जाते थे
    (9) भारत के सबसे वयोवृद्ध प्रधानमंत्री श्री मोरारजी देसाई ने यह किया था जब वे प्रधानमंत्री के पद पर सुशोभित थे।
    (10) स्व. सुनील दत्त ने ऐसा कहा था जब वह अस्सी के दशक के अंत में आतंकवाद से जलते हुये पंजाब में पदयात्रा कर रहे थे
    (11) श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने राष्ट्रपति भवन से बाहर निकल कर कहा था जब उनकी सरकार केवल तेरह दिनों में ही गिर गयी थी।

  14. धन्यवाद! कोशिश कर के भी 6 प्रश्नों के उत्तरों तक ही पहुंच सका था, उत्तरों की प्रतीक्षा थी..

  15. आपका स्वागत है विवेक जी

  16. ज़ाकिर जी,
    उत्तर आपको टिप्पणियों में ही मिल जायेंगे। कृपया नीचे देखें|

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