Archive for मई 1st, 2010

मई 1, 2010

पास दूर

दूर होने की कसक
पुल बन जाती है अक्सर
दिलों को क़रीब लाने को|

पर अति निकटता के अहसासों की आँच
जाने क्यों
कभी कभी विलग कर देती है
दिलों को|

मानो संबंधों की ऊष्मा से
घबरा जाते हों मन|
…[राकेश]
%d bloggers like this: