
मुझे वहम है मित्र
कि तुम्हे मुझसे परहेज़ है
शायद डर है तुम्हे
मेरे नाम का वायरस
तुम्हारे कम्प्यूटर को
हैंग कर देगा।
एक गुमान
अपने बारे में भी है
कि मैं सच का उपासक हूँ
गुमान–वहम
पागलों को होते हैं
तुम्हारा यकीन
असल सच है
मैं झूंठा–मक्कार-कुंठित
असल का मुखौटा ओढ़े
पाइरेटेड सॉफ्टवेयर हूँ
स्पैम घोषित कर
डिलीट कर दो।
(रफत आलम)

